RAM और ROM में अंतर आसान भाषा में

Difference between ram and rom, नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारी वेबसाइट पर आज हम आपको बताएँगे, की Ram or Rom me kya antar hai, वो भी बिलकुल आसान भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे. आप हमेशा सुनते है जब भी कोई नया फ़ोन या लैपटॉप लाता है तो उससे सभी पहले ये ही पूछते है की इसकी RAM कितनी है और इसकी ROM कितनी है.

आज हम इसी विषय के बारे में आपको सम्पूर्ण जानकारी देंगे इनके बीच अंतर जानने से पहले आपको इन दोनों को जानना होगा और समझना ही अच्छा रहेगा तो सबसे पहले हम जानेगे की Ram क्या है और इसके प्रकार फिर हम जानेगे की ROM क्या है और उसके प्रकार फिर उसके बाद हम आपको इनके बीच अंतर बताएँगे वो भी आसान भाषा में.

ध्यान दे: RAM और ROM primary memory के प्रकार होते है. Memory के तीन प्रकार होते है: Primary Memory, Secondary Memory और Cache Memory.

RAM क्या है?

RAM का full form Random Access Memory होता है, RAM ज्यादातर मामलो में मोबाइल और कंप्यूटर और लैपटॉप में कम ही रहती है है अगर मोबाइल की बात की जाये तो 1GB, 2GB से स्टार्ट होकर १२GB तक रहती है और वही कंप्यूटर की बात की जाजो ये तो ये 2GB जो सबसे कम मणि जाती है मतलब इससे कम तो नहीं रहनी चाहिए और आज काल ये ज्यादरतर कंप्यूटर और लैपटॉप में 8GB तो रहती है और आप इसे जितना चाहिए बढ़ा सकते है 32GB तक भी लगा सकते है. RAM को direct access memory भी कहा जाता है.

what is ram in hindi

अब कुछ लोगो के दिमाग में आ रहा होगा की इसे random access memory क्यों खा जाता है? क्योकि RAM के अन्दर सभी डाटा और ऑर्डर्स Cells के अन्दर रखा जाता है और प्रतिएक cell के अन्दर Row और column होते है जिनके अंदर डाटा को स्टोर किया जाती है और CPU दुवार बिना किसी कर्म के उसे काम में लिया जा सकता है.

RAM के फायदे (Advantages of RAM)

आप राम के बारे में साधारण जानकारी तो जान ही चुके है अब वक्त आ गया है की आपको इसके फायदे भी जान लेने चाहिए.

  • ये एक Volatile Memory होती है.
  • RAM अन्य कई प्रकार की मेमोरी से महंगी होती है.
  • ये secondary memory महंगी तो होती पर ये उनसे तेज भी होती है.
  • Secondary Memory के मुकाबले में इसका साइज़(GB) कम होता है.
  • अन्य पराक्र की मेमोरी बिजली जाने या कंप्यूटर बंद होने पर उनमे डाटा रहता है परन्तु RAM खाली जो जाती है.
  • Mobile के apps और Computer में सॉफ्टवेर इसी पर चलते है.
  • RAM को working memory के नाम से भी जाना जाता है. और इसे CPU भी इस्तेमाल करता है.
  • जितनी ज्यादा RAM होगी उतने ज्यादा सॉफ्टवेर अच्छे तरीके से चलायें जा सकते है.

RAM के इस्तेमाल (Use or RAM)

जैसा की हमने आपको सुरु में कहा था की आपको आसान भाषा में सब कुछ बताया जायेगा, RAM का इस्तेमाल मोबाइल में जब होता है जब भी आप कोई app चलते है जैसे फेसबुक और अन्य apps तो उसको चलने में RAM ही सहायक होती है बिना रैम के ये apps नहीं चला सकते है और जब आप अपने फ़ोन में कोई भी गेम खेलते है जैसे PUBG और अन्य प्रकार के गेम खेलते है तो रैम के बिना वे गेम नहीं खेले जा सकते है.

कंप्यूटर की बात की जाये तो सभी सॉफ्टवेर और गेम को RAM पर ही चलाया जाता है अगर आपके कंप्यूटर में रैम है 2GB और आप कोई गेम खेलते है और फिर उसी गेम को आप 4 या फिर 8GB में खेलते है तो आपको गेम की क्वालिटी में फरक दिखाई देगा. उधारण के तोर पर समझा जाये तो ये वो जिम है जा पर सभी सॉफ्टवेर और गेम एक्सरसाइज करते है.

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RAM के प्रकार

चलिए अब जान लेते है की रैम के प्रकार और उनके बारे में:

  1. Static RAM
  2. Dynamic RAM

Static RAM क्या है?

इसको आसानी में बोलने के लिया SRAM भी बोला जाता है और इसे बनाने का खर्चा DRAM यानि दूसरी रैम से ज्यादा आता है और इसके अन्दर कोई कापसिटर नहीं होता है. इसके अन्दर डाटा जब तक ही रहता है जब तक पॉवर सप्लाई होती रहती है. इसकी चलने की अवधि ज्यादा होती है, स्पीड भी तेज है, इसका साइज़ ज्यादा होने के साथ-साथ इसे ज्यादा पॉवर भी चाहिए होती है. SRAM को cache memory के तोर पर इस्तेमाल किया जाता है.

Dynamic RAM क्या होती है?

इसको refresh circuit के साथ जोड़कर रखना पड़ता है जिससे की ये बार-बार रिफ्रेश हो सके, ये SRAM के विर्प्रित होती है और इसे DRAM के नाम से भी जाना जाता है. इसको रिफ्रेश करते रहना ही डाटा को बरकरार रखता है. ये transistor और capacitor से मिलकर बना होती है और इसका इस्तेमाल system memory के तोर पर ही किया जाता है. DRAM अन्य रैम के मुकाबले सस्ती होती है, कम पॉवर सप्लाई की जरुरत पड़ती है और ये अन्य रैम से कम चलती है.

अब तक आपने रैम के बारे में जाना पर अब में आपको रोम के बारे में बताऊंगा.

ROM क्या है?

ROM की full form Read Only Memory होता है, इसका इस्तेमाल सिस्टम को चलने में किया जाता है और ये कंप्यूटर को चलने में मदद करता है. रोम BIOS और operating system जैसे विंडो को एक साथ जोड़ता है जिससे की कंप्यूटर ओं होता है. ये केवल मोबाइल और कंप्यूटर एवं लैपटॉप में ही नहीं कई प्रकार के बिजली से चलने वाले यंत्र में इस्तेमाल की जाती है.

what is rom in hindi

इसकी फुल फॉर्म को पढ़ कर आपको पता चल ही गया होगा की इसको सिर्फ हम read कर सकते है इसमें बदलाव करना बहुत मुस्किल होता है. ROM no-volatile memory होती है, जिस मेमोरी में BIOS रहता है या स्टोर हुवा मिलता है उसी को read only memory कहा जाता है. टीवी और मिक्रोवैव जैसे उपकरणों में इसका इस्तेमाल किया जाता है.

ROM के फायदे (Advantages of ROM)

  • ये एक permanent memory के तोर पर इस्तेमाल की जाती है.
  • ROM के अन्दर कंप्यूटर के जितने भी साधारण फंक्शन होते है उन्हें स्टोर किया जाता है.
  • Read Only Memory से पता चलता है की इसे सिर्फ read किया जा सकता है इसमें बदलाव करना आसान नहीं होता.
  • ये बहुत ही कम उर्जा का इस्तेमाल करती है और सस्ती होने के साथ-साथ थोड़ी slow होती है.

ROM के फायदे

  1. ROM एक non-volatile memory होता है जिसके अन्दर सभी सॉफ्टवेर की फाइल स्टोर होती है.
  2. ये खुद डाटा में बदलाव नहीं कर सकता है इसको अगर बदला जाये ये तभी बदलता है.
  3. ROM के अन्दर डाटा पॉवर सप्लाई के जाने के बाद भी रहता है.
  4. इसको बार बार रिफ्रेश करने की जरुरत नहीं पड़ती.
  5. जितनी रोम ज्यादा होगी उतने ही ज्यादा प्रोग्राम आप उसमे डाल सकते है.

ROM के प्रकार

ROM को चार निम्नलिखित भागो में बाटा गया है:

  1. Masked Read Only Memory
  2. Programmable Read Only Memory
  3. Erasable and Programmable Read Only Memory
  4. Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory

Masked Read Only Memory क्या होती है?

इसे आज के ज़माने में इस्तेमाल नहीं किया जाता है और जब से लांच की गयी थी तब इनका दाम बहुत महंगा हुवा करता था, इनके अन्दर पहले से ही programmed data और information स्टोर की जाती थी और ये एक Read only memory hard wired device भी कहलाती है.

Programmable Read Only Memory क्या है?

जैसे की इसके नाम से ही पता चल जाता है की आप इसके अन्दर कमांड ऐड कर सकते है मतलब आप इसको मार्किट से खाली लाकर इसमें प्रोग्राम डाल सकते है. अगर इस ROM के अन्दर आप कोई प्रोग्राम डाल देते हो तो इसको मिटाना या नया प्रोग्राम डाला नहीं जा सकता है.

Erasable and Programmable Read Only Memory क्या है?

ये ROM का एक ऐसा प्रकार जिसके अन्दर आप प्रोग्राम डाल भी सकते है और उसे मिटा भी सकते है, पर इसमें प्रोग्राम डालने का तरीका तो एक ही है पर इसको मिटाना या इरेस करना थोडा अलग है. रोम के अन्दर चार्ज को डाला जाता है और उसको निकलने का कोई तरीका न होने की वजह से इसको Ultra Violet Light से पास किया जाता है जिसके बाद वो चार्ज ख़तम हो जाता है और ये इरेस हो जाती है.

Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory क्या है?

ये वो रोम है जिसे हम आज के समय में ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है इसके अन्दर हम कोई भी प्रोग्राम जितनी तेजी से डालते है उससे ज्यादा तेजी से काट भी सकते है वो भी सेकंड से भी कम समय के अन्दर, अगर आप किसी खास प्रोग्राम को इरेस करना चाहते है पर पूरी रोम को नहीं तो इसके अन्दर आप वो काम कर सकते है वो भी बड़ी आसानी और कम समय में अन्य प्रकार की rom के मुकाबले में. अब तक हमने आपको ram kya hai, rom kya hai, और इनके प्रकार बताये अब बात करलेते है इनके अंतर की.

RAM और ROM में अंतर

इनकी बीच जो सबसे पहला अंतर आता है वो है की ये कैसे काम करती है तो चलिए जानते है की रैम और रोम कैसे काम करती है. इनको आप ऐसे समज सकते है की ये आपका घर है वो तो है ROM जो सभी प्रोग्राम के यानि आदमी के लिए स्पेस रखता है और सभी इसके अन्दर रहते है वाही पर आप RAM को ऐसे समज सकते है की ये रसोई है जिस की बिना घर पूर्ण नहीं हो सकता है. क्योकि सभी सॉफ्टवेर यानि उस घर में रहने वाले आदमी जिस के दम पर काम करते है वाही रैम होता है.

  • ROM रैम से सस्ता होता है.
  • RAM को बार-बार रिफ्रेश करना पड़ता है वाही पर रोम को बार-बार रिफ्रेश नहीं करना पड़ता है.
  • ROM को ज्यादा विश्वास पात्र माना जाता है क्योकि इसमें दाता तब तक रहता है जब तक पॉवर सप्लाई रहती और अगर पॉवर सप्लाई चली भी जाये तो भी इसमें डाटा ऐसा का ऐसा ही रहता है, पर रैम के अन्दर डाटा  पॉवर सप्लाई रहने तक ही रहता है और पॉवर सप्लाई के जाने पर डाटा नहीं रहता.
  • रैम सभी सॉफ्टवेर को चलने का जिम्मेवार होता है और ROM सभी सॉफ्टवेर के डाटा यानि setup फाइल्स को रखता है.
  • RAM volatile memory होती है और ROM non volatile memory होती है.
  • ROM रैम से धीमी मानी जाती है.
  • RAM का साइज़ ROM से कम होता है.
  • दोनों में मेमोरी CPU के दुवारा इस्तेमाल किया जाता है, ROM के अन्दर BIOS स्टोर्ड होती है और रैम के अन्दर सॉफ्टवेर चलाये जाते है.
  • ROM computer की permanent memory होती है और RAM कंप्यूटर की working memory होती है.

Conclusion

मुझे आशा की आपको हमारा से लेख अच्छा लगने के साथ-साथ पढने हो समझने में आसान रहा होगा, आज मैंने आपको difference between ram and rom के साथ-साथ कई अन्य टॉपिक भी बताये है जैसे हमने आपको मेमोरी के बारे शोर्ट में थोड़ी सी जानकारी दी, फिर हमने आपको ram kya hai, और rom kya hai, फिर उनके बारे में बताने के बाद हमने आपको उनके प्रकार बताने के बाद उनके इस्तेमाल और फायदे भी बताये. आपको इन दोनों के बारे में पूरी जानकारी देने के बाद हमने आपको इन दोनों के बीच अंतर बताये जिसमे हमने आसान भाषा में सब कुछ बताया है. मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है की आपको पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाये जैसे आप पढने तो आये थे इनके बीच अंतर पर आपको ये नहीं पता था की ram kya hai or rom kya hai और इनके प्रकार क्या क्या है तो हमने वो भी आपको बताये. जिससे की आपको दूसरी वेबसाइट पर जाना न पड़े आपका समय भी बच सके.

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