अमजद खान – गब्बर सिंह की Biography

नमस्कार, दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारें और आपके ही ब्लॉग हिंदी में सहायता पर आपका स्वागत है, आज हम आपको एक ऐसे खलनायक की जीवनी बताएँगे जो न केवल भारत में नहीं पूरी दुनिया में मशहूर थे. उनके बिता भी एक अभिनेता ही थे और हिंदी फिल्मो में काम कर रहे थे. और हम आपको ये भी बतायंगे खलनायक बन्ने से पहले उनको करियर और जीवन कैसा था.

Amjad Khan Biography

जैसा की आप जानते अमजद खान गब्बर सिंह के किरदार से जाने जाते है. इस किरदार ने उन्होंने अव्वल दर्जे का खलनायक बना दिया था. अमजद खान की गणना हिंदी फिल्मो में अव्वल दर्जे के खलनायकों में गिनती की भी जाती रही है और आज भी की जा रही है.

नामअमजद जकारिया खान
कामअभिनेता और निर्देशक
प्रसिद्ध भूमिका (फिल्म)गब्बर सिंह (फिल्म- शोले)
जन्मतिथि12 नवंबर 1940
जन्म का स्थानपेशावर, ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान)
मृत्यु तिथि27 जुलाई 1992
मृत्यु का स्थानमुंबई, भारत
उम्र51 साल (1940-1992)
पिताजयंत उर्फ जकारिया खान (अभिनेता)
माताकमर
भाईइम्तियाज़ खान और इनायत खान
बहन/
पत्नीशहला खान
बेटाशादाब खान, सीमाब खान
बेटीअहलम खान

 

जब यह फिल्म आई तो माँ अपने छोटे बच्चो को सुलाने के लिया गब्बर सिंह के नाम से डरा कर सुला देती थी.

Amjad Khan History

अमजद खान का जन्म हिंदुस्तान के विभाजन से पहले 1943, लाहोर में हुवा था. उनके पिता जयंत भी एक अभिनेता ही थे. हिंदी सिनेमा में आने से पहले वे थिएटर के अभिनेता थे. उन्होंने अपने पिता को ही अपना गुरु मन था और वे कहते है की रॉयल अकादमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट अपने छात्रो को जितना सिखाती उससे कही ज्यादा मेरे पिता ने सिखाया है.

अमजद खान का कहना ये भी अगर वे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में प्रवेश लिया होता तो वे भी उन्हें इतना नहीं सिखा पति जितना उन्हें उनके पिता जयंत ने सिखाया था. जयंत अपने आखरी दिनों में भी अमजद खान अभिनय सिखाते रहे.

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अमिताभ बच्चन का कहना है की अमजद खान एक बहुत ही दरयादिल किस्म के आदमी थी, परदे पर खलनायक का किरदार निभाने वाले अमजद असल जिंदगी में दुसरो की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे.

Amjad Khan Career

जैसे की हमने आपको बताये हिंदी फिल्मो से पहले वे एक थिएटर में काम करते थे. बॉलीवुड में उनकी पहली और डेब्यू फिल्मे:

फिल्मकिरदार
नाज़नीन(1951)बल किरदार
हिंदुस्तान की कसमअभिनेता
लव एंड गॉडसहायक निर्देशक

अभिनेता के रूप में शोले उनकी पहली फिल्म थी, सभी जानते है की उन्होंहे इस फिल्म में गब्बर सिंह खलनायक का किरदार निभाया था जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. पहले ये फिल्म सत्रुहन सिंहा को दी जाई थी पर समय की कमी होने के कारन फिर यह फिल अमजद खान को दी गयी थी. इससे पहले ये सहायक निर्देशक का काम कर चुके थे.

उनकी कुछ यादगार फिल्मे:

कुर्बानी
चरस
हम किसी से कम नहीं
इंकार
शतरंज के खिलाडी
देश-प्रदेश
गंगा की सोंगंद
लावारिश

उन्होंने अंगरेजी फिल्म मर्चेंट-आइवरी(1988) में एक अंडरवर्ल्ड डॉन का किरदार निभाया था और हॉलीवुड में भी भारत का नाम अपनी अभ्न्य से रोशन किया था इस फिल्म के लिए उनकी बहुत तारीफ की गयी थी. याराना(1981) और लावारिश(1981) फिल्मो में उन्होंने सकरात्मक भूमिका का किरदार भी निभाया था. जब अमजद खान महज 11 साल के थे उन्होंने फिल्म नाज़नीन(1951) के बल कलाकार की भूमिका निभाई थी.

Amrish Puri हिंदी फिल्मो के खलनायक की Biography भी पढ़े.

अमजद खान की अंतिम फिल्म:

Do fantoosh  उनकी अंतिम फिल्म थी.

Amjad Khan Awards

फिल्मकिरदारअवार्ड
Sholay – 1976Filmfare Award for Best Supporting ActorNominated
Dada – 1980Filmfare Award for Best Supporting ActorWon
Yaarana – 1982Filmfare Award for Best Supporting ActorWon
Maa Kasam -1986Filmfare Award for Best ComedianWon
Sholay – 1976BFJA Award for Best Actor in Supporting RoleWon

अमजद खान ने निर्देशक के रूप में भी कुछ फिल्मो में काम किया था.

Movies Directed by Amjad Khan

Abhi To Main Jawan Hoon
Chor Police
Ameer Aadmi Garib Aadmi
Le Gaya Saddam

Most Famous Dialogue of Amjad Khan – प्रसिद्ध संवाद

कितने आदमी थे ?
होली कब है, कब है होली ?
अब तेरा क्या होगा कालिया ?
जो डर गया, समझो मर गया
ये हाथ हम को दे दे, ठाकुर

Amjad Khan Death

Amjad Khan किसी फिल्म की सिलसिले में सफ़र कर रहे थे, तभी उनका राज्य रिज्मर्ग पर एक कार दुर्घटना हो जाती है जिनमे वे गंभीर रूप से घायल हो जाते है और ऐसा बताया जाता है की अमिताभ बच्चन ने इस कठिन समय में उनका बहुत साथ. वे तेजी से ठीक हो गए परन्तु इलाज में प्रोयोग होने वाली दवाओ के कारन उनका वजन बढ़ने लगा.

Amjad का कहना है की वजन उन्हें के कारण बढ़ रह वे बताते थे की उन्होंने मन्नत मागी थी की अगर शोले फिल्म को कामयाबी मिली तो वे आगे फिल्म नहीं करेंगे प्रतु उन्होंने वचन पूरा नहीं किया और वे मानते थे की वजन बढ़ने का कारण यही है. वजन की वजह से उनके हाथ में से कई फिल्म निकल गयी.

फिर 27जुलाई 1992 को दिल का दोरा आने से उनकी मृत्यु हो गयी.

महान कलाकार और निर्देशक को मेरी भावनीय श्रधांजलि.

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